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Implied Volatility
पूरी गाइड

"बाज़ार की भाषा" समझें – इम्प्लाइड वोलैटिलिटी कैसे काम करती है और सोच-समझकर ट्रेडिंग फ़ैसले लेने में इसका इस्तेमाल कैसे करें।

15 मिनट पढ़ेंएडवांस्डप्रैक्टिकल उदाहरणों के साथ

इम्प्लाइड वोलैटिलिटी क्या है?

इम्प्लाइड वोलैटिलिटी (IV) किसी अंडरलाइंग एसेट की कीमत में भविष्य के उतार-चढ़ाव का बाज़ार का अनुमान है। इसे मौजूदा Option कीमतों से "निकाला" जाता है और यह दिखाती है कि बाज़ार के लोग आगे कितनी चाल की उम्मीद कर रहे हैं।

मूल फ़ॉर्मूला:

Option की कीमत = f(कीमत, Strike, समय, ब्याज, IV)

IV अकेला ऐसा वेरिएबल है जो बाज़ार भाव से निकाला जाता है – बाकी सब पहले से पता होते हैं।

💡 आसान भाषा में:

IV को एक "इंश्योरेंस Premium" की तरह समझें। ज़्यादा अनिश्चितता के समय (जैसे अर्निंग्स से पहले) Premium ज़्यादा होता है, क्योंकि जोखिम ज़्यादा है।

IV का मतलब:

15%

कम IV

बाज़ार कम चाल की उम्मीद कर रहा है। Options अपेक्षाकृत सस्ते हैं। Long स्ट्रैटेजी के लिए उपयुक्त।

30%

मध्यम IV

सामान्य बाज़ार हालात। खरीदारों और विक्रेताओं के लिए संतुलित कीमतें।

60%+

ज़्यादा IV

बाज़ार बड़ी चाल की उम्मीद कर रहा है। Options महंगे हैं। Short स्ट्रैटेजी के लिए उपयुक्त।

📈 IV की आम वैल्यू:

  • SPY/SPX:12-25%
  • AAPL, MSFT:20-35%
  • TSLA, NVDA:40-70%
  • मीम स्टॉक्स:80-200%+
  • VIX स्पाइक:30-80%+

इम्प्लाइड बनाम हिस्टोरिकल वोलैटिलिटी

फ़ीचरइम्प्लाइड वोलैटिलिटी (IV)हिस्टोरिकल वोलैटिलिटी (HV)
समय का पैमानाआगे देखने वालीपीछे देखने वाली
स्रोतबाज़ार में Option की कीमतेंअसल कीमत की चाल
गणनाBlack-Scholes को उल्टा हल करनारिटर्न का स्टैंडर्ड डेविएशन
इस्तेमालOptions की कीमत तय करनाIV की तुलना / संदर्भ
आम अवधिOption की Expiry तक20, 30 या 60 दिन

IV > HV: महंगा

बाज़ार ऐतिहासिक रूप से आम चाल से ज़्यादा चाल की उम्मीद कर रहा है। Options "महंगे" हैं।

✓ ट्रेडिंग संकेत:

Option विक्रेताओं के लिए अनुकूल (Credit spread, Iron condor, Short Straddle)

IV < HV: सस्ता

बाज़ार ऐतिहासिक रूप से आम चाल से कम चाल की उम्मीद कर रहा है। Options "सस्ते" हैं।

✓ ट्रेडिंग संकेत:

Option खरीदारों के लिए अनुकूल (Long Call/Put, Debit spread, Long Straddle)

IV रैंक बनाम IV पर्सेंटाइल

IV के सीधे आँकड़े समझना मुश्किल होता है, इसलिए ट्रेडर तुलनात्मक पैमाने इस्तेमाल करते हैं। ये दिखाते हैं कि मौजूदा IV अपने इतिहास के मुकाबले कहाँ है।

IVR

IV रैंक

IV रैंक = (IV - 52W लो) / (52W हाई - 52W लो) × 100

उदाहरण:

  • 52-हफ़्ते का हाई: 50%
  • 52-हफ़्ते का लो: 20%
  • मौजूदा IV: 35%
  • IVR = (35-20)/(50-20) × 100 = 50%

→ मौजूदा IV ठीक 52-हफ़्ते की रेंज के बीच में है।

IVP

IV पर्सेंटाइल

IVP = (मौजूदा IV से कम वाले दिन / कुल दिन) × 100

उदाहरण:

  • देखने की अवधि: 252 ट्रेडिंग दिन
  • मौजूदा IV: 35%
  • IV < 35% वाले दिन: 200
  • IVP = 200/252 × 100 = 79%

→ 79% दिनों में IV अभी से कम थी।

0-25%
बहुत कम

लॉन्ग वोलैटिलिटी

Options खरीदें

25-50%
औसत से नीचे

न्यूट्रल से Long

Debit spread

50-75%
औसत से ऊपर

न्यूट्रल से Short

Credit spread

75-100%
बहुत ज़्यादा

शॉर्ट वोलैटिलिटी

Options बेचें

⚠️ ज़रूरी फ़र्क:

अचानक आए बड़े स्पाइक IV रैंक को बिगाड़ सकते हैं। IV पर्सेंटाइल ज़्यादा भरोसेमंद है क्योंकि यह सभी डेटा पॉइंट्स को गिनता है। पूरी तस्वीर के लिए प्रोफ़ेशनल अक्सर दोनों साथ में इस्तेमाल करते हैं।

IV क्रश: अर्निंग्स वाली घटना

IV क्रश का मतलब है किसी अनुमानित इवेंट (आमतौर पर अर्निंग्स) के बाद इम्प्लाइड वोलैटिलिटी में भारी गिरावट। अनिश्चितता ख़त्म होते ही Premium धड़ाम से गिर जाता है – कीमत चाहे किसी भी दिशा में जाए।

कीमत में शामिल एक्सपेक्टेड मूव को कैसे पढ़ें, दिशा सही होने पर भी खरीदार नुकसान में क्यों रहते हैं, और IV गिरने से किन स्ट्रैटेजी को फ़ायदा होता है - यह सब हमारी ख़ास गाइड में है: अर्निंग्स के आसपास IV क्रश को समझें

🎯 समस्या:

आप अर्निंग्स से पहले एक Call खरीदते हैं। शेयर 3% चढ़ता है। फिर भी आपका Call 20% नुकसान में है।

वजह: IV का 80% से 40% पर गिरना, Delta से होने वाले फ़ायदे से ज़्यादा तेज़ी से Vega वैल्यू ख़त्म कर देता है।

IV क्रश का उदाहरण: अर्निंग्स के आसपास एक शेयर

अर्निंग्स से पहले:
IV:85%
Call ₹130:₹8.50
📢 अर्निंग्स: शेयर +4%
अर्निंग्स के बाद:
IV:35%
Call ₹130:₹6.20
नतीजा: कीमत +4% चलने के बावजूद -27%

अर्निंग्स के आसपास IV का चक्र

-30 दिन
IV: 30%
सामान्य
-7 दिन
IV: 55%
बढ़ता हुआ
अर्निंग्स का दिन
IV: 85%
पीक
+1 दिन
IV: 35%
क्रश

IV crush के जोखिम वाली स्ट्रैटेजी:

  • •Iron condor - नतीजों से पहले बेचा जाता है; अगर चाल कीमत में जुड़ी चाल से बड़ी हो तो नुकसान
  • •Short Straddle/Strangle - IV गिरने पर फ़ायदा, बड़ी चाल पर असीमित जोखिम
  • •Calendar spread - नज़दीकी Expiry बेचता है और बाद वाली खरीदता है

✗ IV क्रश से बचाव:

  • •अर्निंग्स से ठीक पहले Long Call/Put न खरीदें
  • •ट्रेड से पहले एक्सपेक्टेड मूव जाँचें
  • •और दूर की Expiry तारीख़ें चुनें

एक्सपेक्टेड मूव की गणना

एक्सपेक्टेड मूव दिखाता है कि IV के हिसाब से एक तय समय में कोई अंडरलाइंग कितना चल सकता है। यह एक स्टैंडर्ड डेविएशन (~68% संभावना) दर्शाता है।

फ़ॉर्मूला:

EM = कीमत × IV × √(दिन/365)

साप्ताहिक Options के लिए (7 दिन):

EM = कीमत × IV × 0.139

📊 जल्दी अनुमान:

अर्निंग्स के लिए (ओवरनाइट): ATM Straddle की कीमत ≈ एक्सपेक्टेड मूव

उदाहरण: ATM Call ₹5 + ATM Put ₹5 = ₹10 एक्सपेक्टेड मूव

उदाहरण गणना: एक इंडेक्स

मौजूदा कीमत:
₹450
मौजूदा IV:
20%

हर अवधि का एक्सपेक्टेड मूव:

1 हफ़्ता (7D)₹450 × 0.20 × √(7/365) = ₹12.46
1 महीना (30D)₹450 × 0.20 × √(30/365) = ₹25.80
45 DTE₹450 × 0.20 × √(45/365) = ₹31.59

→ 68% संभावना के साथ इंडेक्स 45 दिनों में ₹418.41 और ₹481.59 के बीच रहेगा

वोलैटिलिटी स्माइल और स्क्यू

हर Strike पर IV एक जैसी नहीं होती। इस IV कर्व का आकार बाज़ार के बारे में ज़रूरी जानकारी देता है।

स्क्यू कैसे मापा जाता है, यह बाज़ार के मूड के बारे में क्या बताता है और यह spreads व हेज को सस्ता या महंगा कैसे बनाता है, यह हमारी गाइड वोलैटिलिटी स्क्यू और स्माइल को समझें में समझाया गया है।

वोलैटिलिटी स्माइल

U-आकार का कर्व – OTM Call और Put की IV, ATM से ज़्यादा होती है।

आमतौर पर: फ़ॉरेक्स, कमोडिटी

वोलैटिलिटी स्क्यू (स्मर्क)

तिरछा कर्व – OTM Put की IV, OTM Call से काफ़ी ज़्यादा होती है।

आमतौर पर: इक्विटी इंडेक्स (SPY, QQQ)

स्क्यू क्यों होता है?

1

क्रैश का डर

बड़े संस्थागत निवेशक Put से सुरक्षा खरीदते हैं → ज़्यादा माँग → ज़्यादा IV

2

एकतरफ़ा चाल

बाज़ार जितनी तेज़ी से चढ़ता है, उससे ज़्यादा तेज़ी से गिरता है ("नीचे लिफ़्ट से, ऊपर सीढ़ियों से")

3

Covered call बेचना

निवेशक आमदनी के लिए OTM Call बेचते हैं → ज़्यादा सप्लाई → कम IV

💡 ट्रेडिंग टिप: स्क्यू का फ़ायदा उठाने के लिए Put Credit spread को Call Credit spread से ज़्यादा OTM रखें।

India VIX और VIX

India VIX क्या है?

NSE, India VIX को नज़दीकी और अगले महीने के Nifty 50 Options के bid और ask कोट्स से निकालता है। यह अगले 30 कैलेंडर दिनों में Nifty 50 की बाज़ार द्वारा अपेक्षित वोलैटिलिटी है, सालाना आधार पर।

हमारी India गाइड इम्प्लाइड वोलैटिलिटी और India VIX इसे Nifty के उदाहरणों से समझाती है। हम India VIX की लाइव वैल्यू नहीं दिखाते; NSE उन्हें अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करता है।

अमेरिका में VIX

CBOE Volatility Index (VIX) यही तरीका SPX Options के ज़रिए S&P 500 पर लागू करता है। दोनों इंडेक्स एक ही तरह पढ़े जाते हैं, लेकिन इनके लेवल की तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि इंडेक्स अलग हैं।

VIX की रीडिंग को एक्सपेक्टेड मूव में कैसे बदलें, यह VIX को समझें में दिखाया गया है।

रीडिंग का Option की कीमतों के लिए क्या मतलब है

  • ऊँची रीडिंग: सभी Strike पर Premium ज़्यादा होते हैं। विक्रेता को ज़्यादा मिलता है और वह ज़्यादा जोखिम उठाता है।
  • नीची रीडिंग: Premium कम होते हैं। खरीदार कम चुकाता है; विक्रेता को कम मिलता है।
  • तेज़ उछाल के बाद: वोलैटिलिटी समय के साथ अक्सर वापस घटी है, लेकिन इसका कोई तय समय नहीं है।

क्या भारत से VIX में ट्रेड किया जा सकता है?

दोनों में से कोई भी इंडेक्स सीधे नहीं खरीदा जा सकता; दोनों गणना से बनते हैं। VIX Futures, VIX Options और उन्हें ट्रैक करने वाले exchange-traded प्रोडक्ट अमेरिका में लिस्टेड हैं। भारत के निवासी के लिए ये विदेशी डेरिवेटिव हैं: RBI की Liberalised Remittance Scheme विदेशी एक्सचेंजों पर margin ट्रेडिंग के लिए पैसा भेजने की अनुमति नहीं देती। यह गाइड इन्हें सिर्फ़ इसलिए समझाती है ताकि आप VIX को पढ़ सकें।

भारत में IV कहाँ मिलती है

NSE Option chain

एक्सचेंज की अपनी option chain, लिस्टेड इंडेक्स और स्टॉक Options के हर Strike की इम्प्लाइड वोलैटिलिटी, Open Interest और वॉल्यूम के साथ दिखाती है।

nseindia.com

NSE पर India VIX

NSE अपनी वेबसाइट पर India VIX और उसका इतिहास, उसके पीछे की पद्धति के साथ प्रकाशित करता है।

nseindia.com

आपके ब्रोकर की option chain

ज़्यादातर SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर अपनी option chain में IV और Greeks दिखाते हैं। देखें कि वे कौन-सा मॉडल और ब्याज दर इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर आँकड़े अलग हो सकते हैं।

IV में बदलाव से Option की वैल्यू पर क्या असर होता है, यह देखने के लिए हमारा IV टूल इस्तेमाल करें।

IV ट्रेडिंग चेकलिस्ट

✓ हर ट्रेड से पहले जाँचें:

  • 1IV रैंक या IV पर्सेंटाइल जाँचें
  • 2आने वाले इवेंट्स जाँचें (अर्निंग्स, FOMC)
  • 3एक्सपेक्टेड मूव निकालें
  • 4IV और HV की तुलना करें
  • 5VIX का लेवल ध्यान में रखें

📋 IV के हिसाब से स्ट्रैटेजी चुनना:

कम IV (IVR < 30%)

Long Call/Put, Debit spread, Long Straddle

मध्यम IV (IVR 30-50%)

Calendar, Diagonal, Butterfly

ज़्यादा IV (IVR > 50%)

Credit spread, Iron condor, Short Strangle

वोलैटिलिटी में महारत पाएँ

इम्प्लाइड वोलैटिलिटी किसी Option की कीमत का बड़ा हिस्सा समझाती है। ट्रेड करने से पहले इसे पढ़ने का अभ्यास करें।