मुफ़्त टूल · NSE और BSE Options

Nifty, Bank Nifty, Sensex और स्टॉक Options के लिए ऑप्शन कैलकुलेटर

इंडेक्स या F&O स्टॉक, Expiry और Strike चुनें, और आपको अपने Lot के लिए रुपयों में break-even, अधिकतम मुनाफ़ा और नुकसान और payoff चार्ट दिखेगा। एक Black-Scholes परिदृश्य बताता है कि Expiry से पहले Option की वैल्यू कितनी हो सकती है, और ट्रेड पर लगने वाला हर चार्ज सूची में है: ब्रोकरेज, STT, एक्सचेंज चार्ज, SEBI फ़ीस, स्टांप ड्यूटी और GST।

Nifty 50

कॉन्ट्रैक्ट

Nifty 50: प्रति Lot 65 यूनिट (NSE)। एक्सचेंज साल में दो बार Lot size बदलते हैं; आपके ब्रोकर के कॉन्ट्रैक्ट की जानकारी ही मान्य है।

बाज़ार और मॉडल
%
%

शुरुआती वैल्यू उदाहरण के लिए राउंड नंबर हैं, मौजूदा लेवल नहीं।

परिदृश्य

Expiry पर break-even

25,174.00

अधिकतम लाभ

असीमित

अधिकतम नुकसान

-₹11,310.00

चुकाया गया Premium

₹11,310.00

₹174.00 × 65

Expiry पर मुनाफ़ा/नुकसान, भाव 25,500.00

+₹21,190.00

2 दिन में 25,250.00 पर मुनाफ़ा/नुकसान

+₹8,133.56

तब Option की मॉडल वैल्यू: ₹299.13

मुनाफ़ा और नुकसान चार्ट

3,25,8010-11,31020,00022,54425,08727,63130,174आजBreak-even
Expiry के दिन2 दिन में (Black-Scholes) 

आज की Black-Scholes वैल्यू

₹173.83

आपके Premium के मुकाबले -0.1 %

पोज़िशन Delta

+0.52

अंडरलाइंग की +34 यूनिट जैसा व्यवहार करता है

खोलने और बंद करने के चार्ज

₹20 प्रति ऑर्डर वाले ब्रोकर पर दो ऑर्डर, उसी Premium पर बंद। नुकसान वाले ट्रेड पर भी चार्ज देने पड़ते हैं।

Brokerage
₹40.00
STT (बिक्री पक्ष पर 0.15 %)
₹16.97
एक्सचेंज चार्ज
₹8.04
SEBI फ़ीस
₹0.02
स्टांप ड्यूटी (खरीद पक्ष)
₹0.34
GST (18 %)
₹8.65

कुल चार्ज: ₹74.01

Spread, Straddle और छह लेग तक के दूसरे कॉम्बिनेशन के लिए।

स्ट्रैटेजी बिल्डर में खोलें

अंडरलाइंग का लेवल और Premium आप अपने ब्रोकर की ऑप्शन चेन से डालते हैं: कैलकुलेटर कोई भाव नहीं लाता। शुरुआती मान गोल, उदाहरण के लिए दिए गए अंक हैं, मौजूदा लेवल नहीं। नतीजों में स्लिपेज और टैक्स शामिल नहीं हैं; आपके इनपुट एड्रेस बार में रहते हैं, इसलिए बुकमार्क या शेयर किया गया लिंक वही सेटअप वापस ले आता है।

चार स्टेप में Option ट्रेड का हिसाब लगाएँ

  1. 1अंडरलाइंग और Expiry चुनें। लिस्ट में NSE और BSE के इंडेक्स Options और F&O वाले सभी शेयर हैं। Lot size और आने वाले Expiry दिन पहले से भरे हैं; छुट्टियों की वजह से हुए बदलाव भी लागू हैं।
  2. 2Strike, Premium और Lot डालें। Premium अपने ब्रोकर की ऑप्शन चेन से लें। Nifty 50 का एक Lot 65 यूनिट का है, इसलिए ₹200 के Premium पर एक Lot की लागत ₹13,000 होती है।
  3. 3अंडरलाइंग का लेवल, Expiry तक के दिन और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी डालें। इन्हीं से Black-Scholes वैल्यू और Expiry से पहले का सिनेरियो तय होता है। India VIX, Nifty Options की इम्प्लाइड वोलैटिलिटी का एक मोटा अंदाज़ा देता है।
  4. 4नतीजा पढ़ें। break-even, अधिकतम मुनाफ़ा और नुकसान, payoff चार्ट, पोज़िशन का Delta और ट्रेड खोलने व बंद करने के चार्ज।

Lot, Premium और कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू

भारतीय Options Lot में ट्रेड होते हैं। Premium अंडरलाइंग की प्रति यूनिट बताया जाता है, और आप जो भी देते या पाते हैं वह Premium × Lot size × Lot की संख्या होता है। एक्सचेंज Lot size तय करते हैं और साल में दो बार इन्हें बदलते हैं, ताकि बदलाव के समय कॉन्ट्रैक्ट SEBI के ₹15 लाख के न्यूनतम साइज़ से ऊपर रहे।

Nifty 50 का उदाहरण (गोल संख्याएँ, मौजूदा लेवल नहीं)
मदमूल्य
इंडेक्स लेवल25,000
Lot size65 यूनिट
कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (लेवल × Lot)₹16,25,000
प्रति यूनिट Premium₹200
एक Lot का Premium₹13,000
खरीदे गए 25,000 Call का break-even25,200

Option का खरीदार पूरा Premium पहले ही चुकाता है और ज़्यादा से ज़्यादा उतनी ही रक़म खो सकता है। विक्रेता को Premium मिलता है, लेकिन उसे कहीं बड़ा margin रखना पड़ता है — अक्सर प्रति Lot लाखों रुपये — और वह मिले Premium से कहीं ज़्यादा खो सकता है। Options बेचने से पहले अपने ब्रोकर का margin कैलकुलेटर देखें।

भारत में Expiry के दिन और सेटलमेंट

  • NSE कॉन्ट्रैक्ट मंगलवार को और BSE कॉन्ट्रैक्ट गुरुवार को एक्सपायर होते हैं। अगर उस दिन ट्रेडिंग की छुट्टी है, तो कॉन्ट्रैक्ट पिछले ट्रेडिंग दिन एक्सपायर होता है।
  • वीकली Options हर एक्सचेंज पर सिर्फ़ एक इंडेक्स पर हैं: NSE पर Nifty 50 और BSE पर Sensex। Bank Nifty, Fin Nifty, Midcap Nifty, Nifty Next 50 और Bankex के मंथली कॉन्ट्रैक्ट हैं, जो महीने के आख़िरी मंगलवार (NSE) या आख़िरी गुरुवार (BSE) को एक्सपायर होते हैं।
  • इंडेक्स Options यूरोपियन-स्टाइल और कैश-सेटल्ड होते हैं। इन्हें सिर्फ़ Expiry पर ही एक्सरसाइज़ किया जा सकता है, और अंतर नकद में चुकाया जाता है।
  • स्टॉक Options फ़िज़िकली सेटल होते हैं। Expiry तक रखा गया इन-द-मनी स्टॉक Option शेयरों की डिलीवरी में बदल जाता है, जिसके लिए आपके अकाउंट में पूरा कैश या शेयर होने चाहिए।

Premium के अलावा एक ट्रेड की लागत

कैलकुलेटर एक राउंड ट्रिप (एक ऑर्डर पोज़िशन खोलने का, एक बंद करने का) पर सभी वैधानिक चार्ज जोड़ता है, ऐसे ब्रोकर के हिसाब से जो हर ऑर्डर पर फ़्लैट फ़ीस लेता है। ये दरें हर ब्रोकर पर एक जैसी हैं; सिर्फ़ ब्रोकरेज अलग होता है।

इंडेक्स Options पर चार्ज (2026-11-02 तक)
चार्जदरकिस पर लगता है
सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT)Premium का 0.15%बिक्री की तरफ़
एक्सचेंज ट्रांज़ैक्शन चार्ज (NSE)Premium का 0.03553%दोनों तरफ़
SEBI टर्नओवर फीस₹10 प्रति करोड़दोनों तरफ़
स्टांप ड्यूटीPremium का 0.003%खरीद की तरफ़
GST18%ब्रोकरेज, एक्सचेंज और SEBI चार्ज

जब कोई ITM Option बेचने के बजाय Expiry पर एक्सरसाइज़ होता है, तो STT, Premium पर नहीं बल्कि इंट्रिंसिक वैल्यू पर लगता है। ब्रोकरेज कैलकुलेटर अलग-अलग ब्रोकरों समेत और भी मामलों को कवर करता है।

ऑप्शन कैलकुलेटर: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कैलकुलेटर लाइव Nifty या Sensex कीमतें दिखाता है?

नहीं। अंडरलाइंग का लेवल और Premium आप खुद अपने ब्रोकर की ऑप्शन चेन से डालते हैं। शुरुआती वैल्यू गोल, उदाहरण के लिए दी गई संख्याएँ हैं, मौजूदा लेवल नहीं।

मेरा Premium, Black-Scholes वैल्यू से अलग क्यों है?

मॉडल एक स्थिर वोलैटिलिटी मानता है और ट्रेडिंग की कोई अड़चन नहीं मानता। बाज़ार का Premium मांग और आपूर्ति, bid-ask spread और उस Strike की इम्प्लाइड वोलैटिलिटी दिखाता है। मॉडल को और करीब लाने के लिए अपनी ऑप्शन चेन से इम्प्लाइड वोलैटिलिटी डालें।

Nifty और Sensex Options का Lot size क्या है?

2026-11-02 तक, Nifty 50 का एक Lot 65 यूनिट और Sensex का एक Lot 20 यूनिट का है; BSE ने जनवरी 2027 से एक्सपायर होने वाले Sensex कॉन्ट्रैक्ट के लिए 25 यूनिट की घोषणा की है। Lot size पेज पर हर इंडेक्स और F&O शेयर उसके स्रोत के साथ दिया गया है।

क्या मुनाफ़े और नुकसान में चार्ज शामिल हैं?

Break-even और मुनाफ़ा-नुकसान चार्ज से पहले दिखाए गए हैं। ट्रेड खोलने और बंद करने के चार्ज नतीजों के नीचे अलग से दिए गए हैं, ताकि आप देख सकें कि वे छोटे फ़ायदे का कितना हिस्सा ले जाते हैं।

क्या मैं इसे स्टॉक Options के लिए इस्तेमाल कर सकता हूँ?

हाँ। सूची से स्टॉक चुनें, उसका Lot size और मंथली Expiry अपने आप भर जाएँगे। शेयर की कीमत खुद डालें। याद रखें कि स्टॉक Options का Expiry पर फ़िज़िकल सेटलमेंट होता है।

गणना करते रहें, सीखते रहें

केवल शिक्षा के लिए, निवेश सलाह नहीं। BeInOptions, SEBI में निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट के रूप में रजिस्टर्ड नहीं है, और यहाँ कुछ भी किसी सिक्योरिटी या डेरिवेटिव को खरीदने या बेचने की सिफ़ारिश नहीं है। कैलकुलेटर आपके डाले गए नंबरों और एक सैद्धांतिक मॉडल का इस्तेमाल करता है; असल Premium, margin और चार्ज बाज़ार और आपका ब्रोकर तय करते हैं।