Covered Call क्या है?
Covered call शेयर रखने वालों की एक आम Option स्ट्रैटेजी है: आप उन शेयरों पर Call Option बेचते हैं जो आपके पास पहले से हैं, और Premium पाते हैं।
आसान शब्दों में:
आपके पास एक Lot के शेयर हैं (यहाँ 100 शेयर माने गए हैं) और आप इन्हें एक तय कीमत (Strike) पर खरीदने का अधिकार बेचते हैं। आपको Premium तुरंत मिलता है। अगर शेयर Strike से नीचे रहता है, तो शेयर और Premium दोनों आपके पास रहते हैं।
Covered call कब इस्तेमाल करें?
न्यूट्रल मार्केट नज़रिया
आपको उम्मीद है कि आपका शेयर साइडवेज़ चलेगा या थोड़ा ही बढ़ेगा।
अतिरिक्त आय
आप अपने पास पहले से मौजूद शेयरों पर Option Premium पाना चाहते हैं और मानते हैं कि आपकी बढ़त की सीमा तय हो जाएगी।
लागत कम करना
मिलने वाला Premium शेयरों पर आपकी असल लागत कम करता है।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
शेयर अपने पास रखें
आपके पास कम से कम उतने शेयर होने चाहिए जितने उस शेयर के Options के एक Lot में होते हैं। NSE पर Lot हर शेयर के लिए एक्सचेंज द्वारा तय मात्रा है; यह उदाहरण 100 शेयर का Lot मानता है।
उदाहरण: आपके पास XYZ के 100 शेयर ₹180 पर हैं = कुल वैल्यू ₹18,000
Strike price चुनें
मौजूदा कीमत से ऊपर का Strike price चुनें। Strike जितना ऊँचा होगा, शेयर आपके पास रहने की संभावना उतनी ज़्यादा होगी।
मौजूदा कीमत: ₹180
चुना गया Strike: ₹190 (+5.5%)
→ शेयर "called away" होने के लिए उसे ₹190 से ऊपर जाना होगा
Expiry तय करें
Option की Expiry तारीख चुनें। आम तौर पर 30-45 दिन।
कम अवधि
7-14 दिन: कम Premium, ज़्यादा लचीलापन
मध्यम
30-45 दिन: एक आम बीच का रास्ता
लंबी अवधि
60+ दिन: ज़्यादा Premium, कम नियंत्रण
Call Option बेचें
Call Option को "Sell to Open" से बेचें। Premium तुरंत आपके खाते में आ जाता है।
Premium की गणना:
XYZ ₹190 Call, 30 दिन की Expiry = प्रति शेयर ₹3.50 Premium
आय: ₹350 (₹3.50 × 100 शेयर)
इंतज़ार करें और नज़र रखें
अब Expiry तक तीन संभावित स्थितियाँ हैं:
स्थिति 1: कीमत Strike से नीचे
शेयर ₹190 से नीचे रहता है → Option बेकार होकर expire होता है → शेयर + ₹350 Premium आपके पास रहते हैं
स्थिति 2: कीमत Strike से ऊपर
शेयर ₹190 से ऊपर जाता है → आपके शेयर ₹190 पर बिक जाते हैं → Premium आपके पास रहता है, लेकिन ₹190 से ऊपर की बढ़त आपको नहीं मिलती
स्थिति 3: Option वापस खरीदें
अगर शेयर तेज़ी से बढ़ता है और आप शेयर रखना चाहते हैं: Option वापस खरीदें ("Buy to Close")
पूरा उदाहरण
XYZ शेयर पर Covered Call ट्रेड
शुरुआती पोज़िशन
- ▸ XYZ के 100 शेयर ₹180 पर
- ▸ कुल वैल्यू: ₹18,000
- ▸ उम्मीद: साइडवेज़ चाल
ट्रेड की जानकारी
- ▸ बेचें: XYZ ₹190 Call का 1 Lot (मान लिया गया Lot size: 100 शेयर)
- ▸ Expiry: 30 दिन
- ▸ Premium: प्रति शेयर ₹3.50
30 दिन बाद नतीजा
Expiry पर शेयर की कीमत: ₹185
▸ Option बेकार होकर expire होता है (₹185 < ₹190)
▸ सभी 100 शेयर आपके पास रहते हैं
▸ शेयर पर मुनाफ़ा: +₹500 (₹5 × 100)
▸ Premium आय: +₹350
इस उदाहरण में नतीजा: चार्ज और टैक्स से पहले +₹850। Expiry पर अलग कीमत हो तो नतीजा भी अलग होगा, नुकसान भी हो सकता है।
फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- ▸Premium: Call बेचने पर आपको Premium मिलता है
- ▸कम लागत: अपनी एंट्री कीमत कम करें
- ▸आंशिक सहारा: Premium शेयर की कीमत में गिरावट के सिर्फ़ छोटे हिस्से की भरपाई करता है
- ▸लचीलापन: आप कभी भी वापस खरीद सकते हैं
कमियाँ
- ▸सीमित मुनाफ़ा: मुनाफ़ा Strike price पर रुक जाता है
- ▸शेयर बिक सकते हैं: तेज़ उछाल पर आपके शेयर चले जाते हैं
- ▸गिरावट का पूरा जोखिम: Premium सिर्फ़ आंशिक सुरक्षा देता है
- ▸समय देना होगा: नियमित निगरानी ज़रूरी है
ध्यान देने वाली बातें
1. Strike
out-of-the-money (OTM) Strike, शेयर बिकने से पहले कीमत को बढ़ने की गुंजाइश देता है, बदले में Premium कम मिलता है।
2. इम्प्लाइड वोलैटिलिटी
IV ऊँची होने पर Premium ज़्यादा होते हैं, जैसे कंपनी के नतीजों से पहले; उसी तरह बड़ी चाल की संभावना भी।
3. Expiry के बाद
Option के expire होने पर आप फिर से तय करते हैं कि नया Covered call शेयर के बारे में आपकी राय से मेल खाता है या नहीं। दूसरा बेचने की कोई मजबूरी नहीं है।
4. एक ही शेयर पर निर्भरता
Covered call किसी एक शेयर को रखने का जोखिम कम नहीं करता: शेयर फिर भी तेज़ी से गिर सकते हैं।
जोखिम चेतावनी: Covered call अपेक्षाकृत कंज़र्वेटिव स्ट्रैटेजी है, लेकिन इसमें भी जोखिम है। शेयर की कीमत गिर सकती है, और Premium सिर्फ़ सीमित सुरक्षा देता है। इस्तेमाल करने से पहले स्ट्रैटेजी को पूरी तरह समझ लें।